Transactional selling in hindi/ ट्रांसक्शनल सेल्लिंग क्या है ? 

ट्रांसक्शनल सेल्लिंग :- एक एक्सचेंज होता है सेलर और बयर में | यह सेल बहुत ही कम समय के लिए होता है और इस सेल में बेचने वाले की कमाई बहुत ही कम होती है |

 सेल्लिंग के इस तरीके में सेलर को बहुत ही कम कोशिश करनी पड़ती है अपने प्रोडक्ट्स या सर्विस को बेचने के लिए |



 इसको हम यूँ भी समझ सकते हैं, जहाँ कस्टमर या बयर को गुड्स या सर्विस की बहुत ही ज्यादा जरूरत होती है और बयर को गुड्स (Products)या सर्विसस के फीचर्स ,फंक्शनिंग को समझने की जरूरत नहीं होती मतलब बयर प्रोडक्ट्स के बारे पहले से ही जनता है |

इस तरह की सेल्लिंग का मतलब यह होता है बयर सिर्फ यह सोचे मुझे कम रेट पे प्रोडक्ट मिल रहा है मुझे अभी खरीदना चाहिए | इस तरह से सेल्समेन कम समय में ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्ट्स को सेल करता है |

 चलिए इसे उदाहरन से समझते हैं ,मान लो आपका मन है मूवी देखने का और आप अपने दोस्त के साथ ट्रैन के जरिए से नज़दीक शहर में मूवी देखने जाते हो | 


पहले आप रेलवे स्टेशन से ट्रैन के दो टिकट लेते हो और ट्रैन से शहर में मूवी थिएटर की टिकट खरीद कर मूवी देखते हो | यहाँ होता कुछ यूँ है आपको पता है ट्रैन का टिकट कहा से कितने का मिलेगा ,आपको पता है मूवी का टिकट कहा से और कितने का मिलेगा | आप ज्यादा से ज्यादा एक बार ट्रैन टिकट वाले से और मूवी टिकट वाले से पूछोगे के टिकट कितने का है | 

 आप और टिकट वाले दोनों ही नहीं चाहोगे के किसी किस्म का रिलेशन बनाया जाए | आप का टारगेट टिकट खरीदने का और उनका टारगेट टिकट को बेचने का है | 


लेसन (04)  >>  और पड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें |

<< पिछला लेसन (03) पढ़े |

<< पिछला लेसन (01) पढ़े |