Relationship selling in hindi/रिलेशनशिप सेल्लिंग क्या है ?

customer relationship marketing:-रिलेशनशिप सेल्लिंग में सेल्समेन का टारगेट बयर से अच्छा रिलेशन बना कर उसका पसंदीदा सप्लायर बनने का होता है | जिससे वह आपको लांग पीरियड तक अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई कर सके और आप जब भी खरीदें उसी से खरीदें | 

ऐसा हो इसीलिए वह आपसे अच्छा रिलेशन बनाने की कोशिश करता है | 

इस तरह की सेल्लिंग लांग टाइम के लिए तभी हो सकती है जब बयर और सेलर में रिलेशन की नींव विश्वास और कमिटमेंट हो | 


मतलब बयर को भरोसा हो मुझे यहाँ से सामान मिलेगा और सेलर को भरोसा हो मुझे पैसा मिल ही जाएगा | इस तरह  सेल्लिंग में बयर और सेलर दोनों को अपना फ़ायदा दिखता है रिलेशनशिप बनाने में |  

customer relationship marketing :- उद्धरण से समझते हैं ,जैसे आप घर का राशन लेने करियाने की दूकान पे जाते हो तो दुकानदार आपके बारे जरूर पूछेगा ,आप क्या काम  करते हो ,क्या पड़ते हो ,कितना कमाते हो , आपकी फॅमिली के बारे पूछेगा जिससे वह आपके  जान सके और रिलेशन बना सके |

 ऐसे ही अगर आप किसी वाल काटने वाले के पास जाओगे तो वह आपके इंट्रेस्ट के बारे जानेगा ,आपके पसंदीदा हेयर स्टाइल के बारे बात करेगा आदि |    


Q 1. आप कुछ अरसे से इक ही दूकान से राशन खरीदते हो | यह किस मेथड का हिस्सा है ?

1. ट्रांसक्शनल  सेल्लिंग {Transactional Selling }

 2. रिलेशनशिप सेल्लिंग {Relationship Selling}

 3. वैल्यू एडेड सेल्लिंग {Value Added Selling}

 4. सेल्लिंग


Q 2. सेल्लिंग के किस मेथड में सेलर और बयर को इक दूसरे पे भरोसा होता है ?

1. ट्रांसक्शनल  सेल्लिंग {Transactional Selling }

 2. रिलेशनशिप सेल्लिंग {Relationship Selling}

 3. वैल्यू एडेड सेल्लिंग {Value Added Selling}

 4. सेल्लिंग


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